परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 309 ==हाईकू==इधरली जो उँठा नजर,गये हम तो तर ।।स्थापना।। स्वीकारो, गुरु केशरी !लाये भरी जल गगरी ।।जलं।। स्वीकारो, गुरु केशरी !ये गगरी चन्दन भरी ।।चन्दनं।। स्वीकारो, गुरु केशरी !गहरी, धाँ परात […]
